06Chapter 51 Jun, 2024Sharehello readers,तुम हो खिलता महका सा कमल, हम जो गाये तुम हो वो गज़ल ,कमसिन भोला सा मुखड़ा, लगती हो चाँद का इक टुकड़ा,हम कितनी तारिफ़ करें, देख के तुमको आहें भरें,तुमसा नहीं है कोई, प्यारा सनम, प्यारा सनम ,सोचेंगे तुम्हें प्यार करे के नहीं,ये दिल बेक़रार करे के नहीं \ShareDownload the free Stck Reader appsidnaaz till eternity@sidnaazsoulFollowFollow sidnaaz till eternity On Stck Readersidnaaz till eternity's stories, at your fingertips as soon as they are publishedChapter 5hello readers,तुम हो खिलता महका सा कमल, हम जो गाये तुम हो वो गज़ल ,कमसिन भोला सा मुखड़ा, लगती हो चाँद का इक टुकड़ा,हम कितनी तारिफ़ करें, देख के तुमको आहें भरें,तुमसा नहीं है कोई, प्यारा सनम, प्यारा सनम ,सोचेंगे तुम्हें प्यार करे के नहीं,ये दिल बेक़रार करे के नहीं \ Delightful Reading Experience Experience stories by sidnaaz till eternity in a whole new light Good morning sidnaaz till eternityMeLiyaSee allDiscover One Home for All Purchases Pick up stories where you left off and discover new stories Write a comment ...Post
Write a comment ...